कानपुर: सपा विधायक इरफान सोलंकी और भाई की जमानत याचिका पर सुनवाई टली, केस डायरी लेकर कोर्ट नहीं पहुंचे आईओ

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कानपुर: यूपी के कानपुर से सपा विधायक इरफान सोलंकी को शुक्रवार को भी कोर्ट से राहत नहीं मिली। जिला जज की अदालत में सपा विधायक और उनके भाई की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि मामले के जांचकर्ता इरफान सोलंकी और रिजवान सोलंकी की गिरफ्तारी के संबंध में केस डायरी लेकर बाहर गए थे। इसलिए जांचकर्ता केस डायरी के साथ मौजूद नहीं हो सके। अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला जज की अदालत ने एक दिसंबर की तारीख दी है।

सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी पर विवादित भूखंड पर बनी झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगा है। इस मामले में सपा विधायक व उनके भाई के खिलाफ जाजमऊ थाने में गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए बार-बार छापेमारी कर रही है. विधायक और उनके भाई के खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू जारी किया था। इसके बाद सपा विधायक इरफान सोलंकी ने 18 नवंबर को जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

पूरा मामला और मुकदमा राजनीतिक है
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी सपा विधायक के वकील हैं. नरेश चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक विधायक इरफान और उनके भाई रिजवान की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी. लोक अभियोजक ने समय मांगा क्योंकि आईओ (जांच अधिकारी) छुट्टी पर थे। जांच से जुड़ी सीडी और फीडबैक नहीं आया है। इस पर मैंने तर्क दिया कि कानपुर की पुलिस और अधिकारी कोर्ट परिसर के आसपास जमा हो गए हैं। इरफान सोलंकी और उनके भाई की गिरफ्तारी के लिए जुटे हैं। वहीं विवेचक छुट्टी पर है। इस मामले में कोई फायदा नहीं है। मामला केवल राजनीतिक है।

अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस के पास इस मामले में कोई सबूत नहीं है। विपक्ष को कुचलने का विचार किया जा रहा है। यह सर्वथा अनुपयुक्त है। कोर्ट ने कहा कि अगर एक दिसंबर को भी केस डायरी नहीं आई तो जमानत दी जा सकती है। पुलिस के पास कोई सबूत नहीं होगा। इसलिए पुलिस कोर्ट के सामने आने से डर रही है।
रिपोर्ट – सुमित शर्मा

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