कॉमर्स फेयर : दिल्ली मंडप जीत रहा लोगों का दिल, जमकर बिक रहे छोटे-भटूरे और राजमा-चावल

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राम त्रिपाठी, प्रगति मैदान: ‘अच्छी तरह से बनाया मंडप, यहां बहुत कुछ है… तकनीक, कपड़ा, फैशन, चमड़े के सामान और प्यूमिक स्टोन से लेकर खाने के खजाने तक। फुल मिक्स कल्चर है भाई…’ व्यापार मेले के दिल्ली पवेलियन से आने वाले मेहमानों का यही चलन है। न सिर्फ बात कर रहे हैं, बल्कि खरीदारी भी जोरों पर हो रही है। हर रोज लाखों का सामान बिक रहा है।

प्रगति मैदान कॉरिडोर नंबर 4 (पहली मंजिल) दिल्ली पवेलियन में 38 स्टॉल हैं। इनमें परिवहन, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, परिवेश और पर्यटन सहित 8 सरकारी निकायों के मंडप हैं। इन मंडपों में स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों के साथ फोटो क्लिक करने की भी व्यवस्था की गई है।

गठबंधन परंपरा की छवि प्राप्त करना
मंडप को दिल्ली की समग्र परंपरा की थीम पर डिजाइन किया गया है। मंडप के कट-आउट दिल्ली में प्रमुख ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की इमारतों सहित वर्तमान गतिविधियों को दर्शाते हैं। इसमें बिड़ला मंदिर, बैंगनी किला, कुतुब मीनार और कई अन्य स्मारक शामिल हैं। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन, चावड़ी बाजार, सदर बाजार और सरोजनी नगर बाजार आदि। दिल्ली पवेलियन के निदेशक और डीएसआईआईडीसी के मैनेजर शोभित गुप्ता ने एनबीटी को बताया कि कंबाइन कल्चर के कारण ही कलाकारों ने दिल्ली दिवस कार्यक्रम में घूमर डांस, कालबेलिया, चरकुला, धम्मी, धमाल, जजलिया, भांगड़ा और गिद्दा डांस पेश किया था। उन्होंने बताया कि दिल्ली की साझा संस्कृति और इलेक्ट्रिक बस का डिजाइन यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।

कॉमर्स फेयर : ‘स्टेट फूड कोर्ट’ का नाम, छोले-भटूरे और चाइनीज भाषा मिलती है, कॉमर्स फेयर में खाने-पीने की चीजें होती हैं निराश
दिल्ली का खाने का खजाना भी ललचा रहा था।
डीएसआईआईडीसी ने इस साल ‘दिल्ली का खाना खजाना’ के नाम से फूड कोर्ट भी स्थापित किया है। नए परिसर के सामने फूड कॉर्नर स्थित इस स्टॉल पर छोले-भटूरे, राजमा-चावल, पाव-भाजी, जलेबी, वेज थाली आदि 20 तरह के व्यंजन परोसे जाते हैं। दर्शकों के चयन और मांग के जवाब में परोसा जा रहा है। प्रत्यक्ष शोभित गुप्ता ने बताया कि खाना खजाना के स्टॉल इसलिए लगाए गए हैं ताकि सभी को यहां के स्थानीय भोजन के बारे में पता चल सके। देश-विदेश के सैकड़ों लोग इन लजीज व्यंजनों का भरपूर लुत्फ उठा रहे हैं।

मेला शुरू होने के पहले दिन 14 से करीब 42 हजार रुपये के सामान की बिक्री हुई है। लेकिन उसके बाद से हर रोज बिक्री का ग्राफ लाखों रुपए तक पहुंच गया है। गुप्ता ने कहा कि बिक्री का पूरा ब्योरा नहीं मिला है, लेकिन यह साफ है कि दर्शक जमकर खरीदारी कर रहे हैं।

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